भारत की ग्रीन एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रही है। सितंबर 2025 तक देश की रिन्यूएबल कैपेसिटी लगभग 247 GW तक पहुंच चुकी है, जो कुल पावर कैपेसिटी का लगभग आधा हिस्सा है। इसमें सोलर एनर्जी 52% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे है, जबकि विंड एनर्जी 21% के साथ दूसरे स्थान पर है।
FY 2023-24 में इस सेक्टर ने $3.76 बिलियन FDI आकर्षित किया, और सरकारी सपोर्ट से रिकॉर्ड स्तर पर नई कैपेसिटी एड की जा रही है। इस बीच, विदेशी निवेशक यानी FII ने भी इस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। आइए जानते हैं किन ग्रीन एनर्जी स्टॉक्स में Q2 FY26 में FIIs की दिलचस्पी बढ़ी।

Waaree Energies Ltd
Waaree Energies भारत की सबसे बड़ी सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है, जिसकी मौजूदगी 25 से ज़्यादा देशों में है। कंपनी अपने इननोवेटिव टेक्नोलॉजी, हाई-कैपेसिटी प्रोडक्शन और क्लीन एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है। यह भारत की सोलर ट्रांज़िशन में अहम भूमिका निभा रही है।
कंपनी का मार्केट कैप ₹98,650 करोड़ है। स्टॉक शुक्रवार को ₹3,429.65 पर बंद हुआ, जो पिछले दिन की तुलना में 0.05% नीचे रहा। ताज़ा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक, FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 3.67% बढ़ाई है, जो जून 2025 के 2.68% से बढ़कर सितंबर 2025 में 6.35% हो गई। वहीं, रिटेल इनवेस्टर्स 26.60%, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशन्स 2.82%, और प्रमोटर्स 64.22% हिस्सेदारी रखते हैं।
KPI Green Energy Ltd
KPI Green Energy भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी मार्केट में एक उभरता हुआ नाम है। कंपनी सोलर और हाइब्रिड पावर सॉल्यूशंस में विशेषज्ञ है और इंडस्ट्रियल व कमर्शियल सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बना रही है।कंपनी का मार्केट कैप ₹10,463 करोड़ है, और शेयर ₹530.20 पर बंद हुआ, जो 0.65% नीचे रहा।
Q2 FY26 में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 0.90% बढ़ाई, यानी 8.26% से बढ़कर 9.16% तक पहुंचाई। इसके अलावा, रिटेल इनवेस्टर्स 41.39%, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशन्स 0.77%, और प्रमोटर्स 48.67% हिस्सेदारी रखते हैं। कंपनी की बढ़ती इंस्टॉल्ड कैपेसिटी और स्थिर रेवेन्यू ग्रोथ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बना रही है।
Orient Green Power Company Ltd
Orient Green Power Company भारत की प्रमुख विंड पावर प्रोड्यूसर्स में से एक है। कंपनी रिन्यूएबल पावर जेनरेशन में लंबे समय से सक्रिय है और देश के कई राज्यों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
कंपनी का मार्केट कैप ₹1,645 करोड़ है और शेयर ₹14.03 पर बंद हुआ, जो 0.72% की बढ़त दिखाता है।
FIIs ने यहां भी अपनी हिस्सेदारी 0.27% बढ़ाई, यानी 0.68% से बढ़कर 0.95% तक की। इसके साथ ही रिटेल इनवेस्टर्स 73.32%, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशन्स 1.35%, और प्रमोटर्स 24.38% हिस्सेदारी रखते हैं।
निष्कर्ष
भारत की ग्रीन एनर्जी सेक्टर में तेज़ी सिर्फ़ घरेलू नहीं, बल्कि ग्लोबल इनवेस्टर्स का भी ध्यान खींच रही है। Waaree Energies, KPI Green Energy और Orient Green Power में FII की बढ़ती हिस्सेदारी इस बात का संकेत है कि विदेशी निवेशक भारत की सस्टेनेबल एनर्जी जर्नी पर भरोसा कर रहे हैं।
अब सवाल यह है, क्या ये ग्रीन एनर्जी स्टॉक्स आने वाले महीनों में भी ऐसी ही “ग्रीन” रिटर्न्स देंगे?
यह शैक्षणिक सामग्री है, निवेश सलाह नहीं।






