भारत का पहला प्राइवेट सेक्टर पोर्ट Gujarat Pipavav Port Ltd इस शुक्रवार सुर्खियों में रहा जब कंपनी ने अपने दमदार Q2 FY26 रिजल्ट्स के साथ डिविडेंड की घोषणा की। यह पोर्ट गुजरात के दक्षिण-पश्चिमी तट पर भावनगर के पास स्थित है और भारत को अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, मिडल ईस्ट और फार ईस्ट से जोड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पर एक अहम स्थिति रखता है।

शेयर में जबरदस्त उछाल
₹8,532 करोड़ के मार्केट कैप वाली कंपनी के शेयर शुक्रवार को 10% चढ़कर ₹179.50 तक पहुँच गए, जो पिछले दिन के ₹162.80 से बड़ी बढ़त है।
स्टॉक फिलहाल PE रेशियो 19.9x पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके मीडियन वैल्यू के बराबर है। पिछले तीन सालों में इस शेयर ने 99% रिटर्न दिया है – यानी निवेशकों के लिए यह लगातार रिवार्डिंग स्टॉक साबित हुआ है।
Q2 FY26 रिजल्ट्स
कंपनी का Revenue from operations ₹299.35 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹227.04 करोड़ से 32% YoY ग्रोथ दर्शाता है। तिमाही दर तिमाही (QoQ) आधार पर भी यह 19.5% की बढ़त है, क्योंकि Q1 FY26 में रेवेन्यू ₹250.45 करोड़ था।
सबसे बड़ी हाइलाइट कंपनी का Net Profit रहा, जो ₹75.49 करोड़ से बढ़कर ₹160.73 करोड़ तक पहुँचा – यानी 113% की सालाना ग्रोथ।
सीक्वेंशियल तौर पर भी नेट प्रॉफिट 54% बढ़ा है, जो पिछले क्वार्टर के ₹104.33 करोड़ से काफी ऊपर है।
डिविडेंड की घोषणा
कंपनी ने ₹5.40 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है, जो फेस वैल्यू के 54% के बराबर है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर तय की गई है। इसका मतलब, उस दिन तक कंपनी के शेयरधारक रहने वाले निवेशक इस डिविडेंड के हकदार होंगे।
कार्गो वॉल्यूम अपडेट
इस तिमाही में कंपनी के अधिकांश सेगमेंट्स में वॉल्यूम बढ़े हैं। हालांकि कंटेनर वॉल्यूम्स 179,000 TEUs से घटकर 164,000 TEUs पर रहे।
- Bulk Cargo: 460,000 MTs से बढ़कर 1,031,000 MTs – यानी दोगुना से भी ज्यादा, मुख्यतः मिनरल शिपमेंट्स की वजह से।
- Liquid Cargo: हल्की बढ़त के साथ 332,000 MTs से 388,000 MTs।
- RoRo (Vehicles): 33,043 यूनिट्स से बढ़कर 56,864 यूनिट्स – यानी लगभग 72% की ग्रोथ।
ये आंकड़े दिखाते हैं कि कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और ट्रेड वॉल्यूम दोनों में मजबूत सुधार देखने को मिल रहा है।
कंपनी के बारे में
Gujarat Pipavav Port Ltd का संचालन APM Terminals Pipavav के अंतर्गत होता है, जो एक मल्टीपर्पज, डीप-ड्राफ्ट, ऑल-वेदर पोर्ट है। यह पोर्ट कंटेनर, बल्क, लिक्विड और RoRo कार्गो सभी तरह के ट्रेड हैंडल करता है।
मजबूत रेल और रोड नेटवर्क इसे देश के उत्तर-पश्चिमी औद्योगिक केंद्रों से जोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लाइनों से इसकी आसान पहुँच इसे भारत के प्रमुख गेटवे पोर्ट्स में शामिल करती है।
पोर्ट की सालाना हैंडलिंग कैपेसिटी इस प्रकार है:
- कंटेनर: 1.35 मिलियन TEUs
- पैसेंजर कार्स: 2.5 लाख यूनिट्स
- लिक्विड बल्क: 2 मिलियन MTs
- ड्राई बल्क: 4 मिलियन MTs
इसके अलावा, पोर्ट में वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, कंटेनर यार्ड जैसी सुविधाएँ भी हैं। यह भारत का पहला पोर्ट है जिसने डबल-स्टैक्ड कंटेनर ट्रेन ऑपरेशन शुरू किया था।
पोर्ट की इंफ्रास्ट्रक्चर डिटेल्स भी काफ़ी मजबूत हैं –
- 4,000-मीटर चैनल
- 735-मीटर कंटेनर बर्थ (14.5m ड्राफ्ट)
- 695-मीटर बल्क बर्थ (14m ड्राफ्ट)
- LPG/लिक्विड बर्थ (12m ड्राफ्ट)
निष्कर्ष
गुजरात पिपावाव पोर्ट के Q2 रिजल्ट्स ने यह साबित कर दिया है कि कंपनी लगातार ग्रोथ मोड में है। मजबूत प्रॉफिट, डिविडेंड का ऐलान और बढ़ती कार्गो डिमांड इसे लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
भारत की अंतरराष्ट्रीय ट्रेड रूट पर रणनीतिक स्थिति के कारण, Pipavav Port आने वाले वर्षों में भारत के समुद्री व्यापार की रीढ़ साबित हो सकता है।







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